नई दिल्ली. लोकसभा चुनाव रमजान के बीच कराए जाने पर उठ रहे सवालों के बीच चुनाव आयोग ने कहा है कि शुक्रवार और मुख्य त्योहारों के दिन वोटिंग नहीं रखी गई है। इससे पहले कुछ राजनीतिक पार्टियों और मुस्लिम धर्मगुरुओं ने चुनाव आयोग और सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए। आप नेता संजय सिंह और विधायक अमानतुल्लाह खान ने कहा कि रमजान में मुस्लिम वोट कम होगा और इसका फायदा भाजपा को मिलेगा। टीएमसी नेता ने भी रमजान में मतदान का विरोध किया।
वहीं, एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि रमजान के दौरान मुस्लिम बाकी सभी काम करते हैं, इसी तरह वे चुनाव में भी हिस्सा लेंगे और पवित्र महीने में ज्यादा मतदान होगा।
आयोग ने जानबूझ कर रमजान के महीने में मतदान रखा- आप
आप सांसद संजय सिंह ने ट्वीट किया, "चुनाव आयोग मतदान में हिस्सा लेने की अपील के नाम पर करोड़ों खर्च कर रहा है, लेकिन दूसरी तरफ 3 फेज का चुनाव पवित्र रमजान के महीने में रख कर मुस्लिम मतदाताओं की भागीदारी कम करने की योजना बना दी है। सभी धर्मों के त्योहारों का ध्यान रखो मुख्य चुनाव आयुक्त साहेब।''
अमानतुल्लाह ने ट्वीट किया, "12 मई का दिन होगा, दिल्ली में रमजान होगा। मुसलमान वोट कम करेगा, इसका सीधा फायदा बीजेपी को होगा।''
तीन राज्यों में मुस्लिम आबादी ज्यादा- तृणमूल नेता
तृणमूल नेता और कोलकाता मेयर फिरहाद हाकिम ने कहा, चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था है, हम उसका सम्मान करते हैं। हम उसके खिलाफ कुछ नहीं कहना चाहते, लेकिन उप्र, बिहार और बंगाल में 7 चरणों में चुनाव लोगों के लिए मुश्किल भरा होगा, खासकर उनके लिए जो रमजान के महीने में रोजा रखेंगे। इन तीन राज्यों में अल्पसंख्यकों की संख्या ज्यादा है। भाजपा नहीं चाहती कि मुस्लिम मतदान न करें। हमें चिंता नहीं है, लोग "भाजपा हटाओ, देश बचाओ' के प्रति सजग हैं।
मुसलमानों को परेशानी होगी- मौलाना खालिद रशीद फिरंगी
लखनऊ ईदगाह के इमाम और शहरकाजी मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने भी चुनावों की इन तारीखों पर सवाल खड़े किए। फिरंगी महली ने कहा, "चुनाव आयोग ने उप्र में 6,12 और 19 को भी वोट डालने का कहा है। जबकि 5 मई की रमजान का चांद दिख सकता है, 6 से रमजान का महीना शुरू होगा। तीनो तारीखें रमजान के महीने में पड़ेंगी जिससे मुसलमानों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।'
हार के डर से अभी से बहाना ढूंढने लगा है विपक्ष- मौर्य
भाजपा नेता और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र और संवैधानिक संस्था है। रही बात रमजान में वोटिंग की तो आयोग ने मतदान के लिए 8 घंटे का समय रखा है। इस बीच कभी भी जाकर मतदान किया जा सकता है। विपक्षी दल चुनाव में हार के डर से अभी से बहाने ढूंढने लगे हैं।
भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि हिंदू भाई भी व्रत करते हैं, वे भी तो मतदान करते हैं। रोजा रखने वाले कई लोग ऑफिस जाते हैं, अपना काम करते हैं, यह पहला मौका नहीं है कि जब रमजान में मतदान हो रहा है। इस पर सवाल नहीं उठाने चाहिए।
यह विवाद गैर-जरूरी
ओवैसी ने कहा, यह पूरा विवाद गैर-जरूरी है। उन्होंने कहा, मैं राजनीतिक पार्टियों से अनुरोध करता हूं कि मुस्लिमों समुदाय और रमजान का इस्तेमाल न करें, भले ही आपकी कोई मजबूरी हो। मुस्लिम रमजान में रोजा जरूर रखेंगे और वे सामान्य जीवन जीते हैं, वे ऑफिस जाते हैं। यहां की गरीब से गरीब भी रमजान में रोजा रखता है। मेरा मानना है कि रमजान के पवित्र महीने में मतदान प्रतिशत बढ़ेगा।
Monday, March 11, 2019
Tuesday, March 5, 2019
भारत से बाहर वर्ल्ड कप कराने के लिए आईसीसी स्वतंत्र, लेकिन नतीजों के लिए तैयार रहे
मुंबई. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के एक पदाधिकारी ने मंगलवार को साफ कहा कि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) 2021 टी-20 वर्ल्ड कप या 2023 वनडे वर्ल्ड कप जैसी विश्वस्तरीय प्रतियोगिताएं भारत से बाहर कराने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन उसे इसके बाद की परिस्थितियों के लिए भी तैयार रहना चाहिए।
हाल ही में दुबई में आईसीसी की तिमाही बैठक हुई थी। इसमें आईसीसी ने बीसीसीआई से कहा था कि 2021 टी-20 वर्ल्ड कप और 2023 वनडे वर्ल्ड कप जैसी विश्वस्तरीय प्रतियोगिताएं कराने के लिए उसे 2.10 करोड़ डॉलर (करीब 149 करोड़ रुपए) के टैक्स की भरपाई करनी होगी।
बाहरी दबाव से नहीं सुलझेगा टैक्स का मामला : बीसीसीआई
इस संबंध में पदाधिकारी ने कहा, ‘आईसीसी की इच्छा है तो वह टूर्नामेंट को भारत से बाहर कराने के लिए स्वतंत्र है, क्योंकि कर संबंधी मामलों के लिए सरकार की मंजूरी की जरूरत है। इसमें बाहरी दबाव का कोई असर नहीं पड़ेगा।’ उन्होंने कहा, ‘हम इस मामले में टैक्स डिपार्टमेंट और मंत्रालय के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। हम अपने देश में वर्ल्ड कप कराना चाहते हैं, लेकिन यदि आईसीसी जबरदस्ती का दबाव बनाने चाहती है तो फिर उन्हें हर चीज के लिए तैयार रहना चाहिए।’
बीसीसीआई अपने राजस्व में आईसीसी को हिस्सा नहीं देगा
उन्होंने कहा, ‘यदि वे आईसीसी के टूर्नामेंट को भारत से बाहर ले जाने के इच्छुक हैं, तो यह अच्छी बात है। लेकिन तब बीसीसीआई अपने राजस्व की हिस्सेदारी से आईसीसी को बाहर कर देगा। तब देखते हैं कि कौन घाटे में रहेगा। पदाधिकारी ने रेखांकित किया, ‘प्रशासनिक प्रभारी अपने अधिकार क्षेत्र के बिना नीतिगत फैसले लेने की कोशिश कर रहे हैं। आईसीसी को उन फैसलों के लिए बीसीसीआई को रोकना मुश्किल होगा, क्योंकि इन फैसलों पर बोर्ड की मुहर नहीं लगी है।’
आईसीसी की बीसीसीआई के हित पर चोट पहुंचाने की मंशा
बीसीसीआई के एक अन्य पदाधिकारी ने कहा कि आईसीसी विस्तृत सोच का दावा तो करता है, लेकिन भारत के हित को चोट पहुंचाने के हरसंभव मौके की ताक में रहता है। उन्होंने कहा, ‘पहले भी देखा गया है कि आईसीसी ने विभिन्न सदस्य बोर्डों से अलग-अलग तरह के करार किए हैं। उदाहरण के तौर पर, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को कर में छूट हासिल करने के लिए सिर्फ सर्वोत्तम प्रयास की जरूरत थी, जबकि बीसीसीआई को कर छूट सुनिश्चित करने की जरूरत थी।’
2016 टी-20 वर्ल्ड कप में आईसीसी को कर में छूट नहीं मिली थी
आईसीसी को विश्वस्तरीय टूर्नामेंट के आयोजन के लिए सदस्य देशों से टैक्स में छूट मिलती है, लेकिन 2016 में भारत में हुए टी-20 वर्ल्ड कप के लिए उसे टैक्स में कोई छूट नहीं दी गई, भारतीय कर कानून इस तरह की कोई भी छूट नहीं देते हैं। संयोग से भारत से फॉर्मूला वन रेस के हटने के कारणों में से टैक्स में छूट नहीं मिलना भी शामिल था।
हाल ही में दुबई में आईसीसी की तिमाही बैठक हुई थी। इसमें आईसीसी ने बीसीसीआई से कहा था कि 2021 टी-20 वर्ल्ड कप और 2023 वनडे वर्ल्ड कप जैसी विश्वस्तरीय प्रतियोगिताएं कराने के लिए उसे 2.10 करोड़ डॉलर (करीब 149 करोड़ रुपए) के टैक्स की भरपाई करनी होगी।
बाहरी दबाव से नहीं सुलझेगा टैक्स का मामला : बीसीसीआई
इस संबंध में पदाधिकारी ने कहा, ‘आईसीसी की इच्छा है तो वह टूर्नामेंट को भारत से बाहर कराने के लिए स्वतंत्र है, क्योंकि कर संबंधी मामलों के लिए सरकार की मंजूरी की जरूरत है। इसमें बाहरी दबाव का कोई असर नहीं पड़ेगा।’ उन्होंने कहा, ‘हम इस मामले में टैक्स डिपार्टमेंट और मंत्रालय के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। हम अपने देश में वर्ल्ड कप कराना चाहते हैं, लेकिन यदि आईसीसी जबरदस्ती का दबाव बनाने चाहती है तो फिर उन्हें हर चीज के लिए तैयार रहना चाहिए।’
बीसीसीआई अपने राजस्व में आईसीसी को हिस्सा नहीं देगा
उन्होंने कहा, ‘यदि वे आईसीसी के टूर्नामेंट को भारत से बाहर ले जाने के इच्छुक हैं, तो यह अच्छी बात है। लेकिन तब बीसीसीआई अपने राजस्व की हिस्सेदारी से आईसीसी को बाहर कर देगा। तब देखते हैं कि कौन घाटे में रहेगा। पदाधिकारी ने रेखांकित किया, ‘प्रशासनिक प्रभारी अपने अधिकार क्षेत्र के बिना नीतिगत फैसले लेने की कोशिश कर रहे हैं। आईसीसी को उन फैसलों के लिए बीसीसीआई को रोकना मुश्किल होगा, क्योंकि इन फैसलों पर बोर्ड की मुहर नहीं लगी है।’
आईसीसी की बीसीसीआई के हित पर चोट पहुंचाने की मंशा
बीसीसीआई के एक अन्य पदाधिकारी ने कहा कि आईसीसी विस्तृत सोच का दावा तो करता है, लेकिन भारत के हित को चोट पहुंचाने के हरसंभव मौके की ताक में रहता है। उन्होंने कहा, ‘पहले भी देखा गया है कि आईसीसी ने विभिन्न सदस्य बोर्डों से अलग-अलग तरह के करार किए हैं। उदाहरण के तौर पर, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को कर में छूट हासिल करने के लिए सिर्फ सर्वोत्तम प्रयास की जरूरत थी, जबकि बीसीसीआई को कर छूट सुनिश्चित करने की जरूरत थी।’
2016 टी-20 वर्ल्ड कप में आईसीसी को कर में छूट नहीं मिली थी
आईसीसी को विश्वस्तरीय टूर्नामेंट के आयोजन के लिए सदस्य देशों से टैक्स में छूट मिलती है, लेकिन 2016 में भारत में हुए टी-20 वर्ल्ड कप के लिए उसे टैक्स में कोई छूट नहीं दी गई, भारतीय कर कानून इस तरह की कोई भी छूट नहीं देते हैं। संयोग से भारत से फॉर्मूला वन रेस के हटने के कारणों में से टैक्स में छूट नहीं मिलना भी शामिल था।
Monday, February 25, 2019
海外过年标配!BBC、《每日邮报》等国际媒体都选Ta
个在中国可以大吃大喝的节日。如今中国菜已在全球名声大噪,那么中国葡萄酒呢?现在人们对中国葡萄酒越来越感兴趣,你需要知道的是,中国葡萄酒也正在全球建立自己的好名声”——Virgin Media Television 2月5日报道。
报道还介绍了中国宁夏、山东、新疆产区、常见的葡萄品种及葡萄酒风格。最后还推荐了3款中国葡萄酒——张裕雷司令干白、张裕摩塞尔传奇赤霞珠干白及张裕摩塞尔家族赤霞珠干红。
英国广播电视台两大美食节目
为庆祝中国新年,Saturday Kitchen邀请了英国最出名的中餐大师Ken Hom作客节目。在2月2日BBC ONE 播出的节目中,张裕摩塞尔传奇赤霞珠干白被选用于搭配Ken Hom所烹饪的柠檬鱼。
品尝了摩塞尔赤霞珠干白后,英国著名主持人Olly Smith现场表示:这款酒太有张力了!非常清爽的桃子香气,我认为它是中国葡萄酒的未来,我可以买一千箱放家里喝!
次日,在BBC另一档王牌美食节目SUNDAY BRUNCH上,张裕黄金冰谷冰酒也广获好评。
节目称:中国正在崛起成为酿造优质冰酒的国家,张裕黄金冰谷冰酒带有浓郁的百香果、菠萝等热带水果的香气,余味还带有一丝香甜的烟草味,非常美妙!挺适合搭配中国的川菜、月饼等美食。
全球访问量第二大的报纸网站
当地时间2月2日,英国《每日邮报》发表文章——《我们的酒评家为中国春节挑选了几款最好的葡萄酒》,被国际大咖推荐的5款葡萄酒中,两款来自中国,分别是张裕第九代解百纳及张裕摩塞尔赤霞珠干白葡萄酒。
对于这5款酒,作者表示,他们最喜欢的就是张裕摩塞尔赤霞珠干白,这也是他们一周中品鉴的众多酒中最棒的一款,果香馥郁,非常适合搭配各种中餐;而张裕解百纳则适合搭配辛辣的食物,比如川菜。
英国广播电台消费节目《你和你的家人》
当地时间2月8日,BBC广播电台生活消费节目You and Yours为庆祝中国新年的到来,邀请了《中国葡萄酒复兴》作者、葡萄酒专家Janet Wang前来录制节目,畅谈中国葡萄酒,节目提到: 张裕是中国最大的葡萄酒生产商,很多人可能不知道中国也是一个很大的葡萄酒产区,也不知道中国拥有源远流长的葡萄酒文化,但其实公元前2世纪,中国就已经有人用葡萄来酿酒。
在节目中,Janet Wang还跟主持人介绍并品鉴了2款中国葡萄酒:“第一款是来自张裕的经典餐酒——张裕解百纳,很适合派对跟宴会。这款酒果香浓郁,饱满多汁,很容易与各种菜肴进行搭配;第二瓶是来自张裕摩塞尔十五世酒庄的赤霞珠干红,这是一款在中国非常顶级的葡萄酒,真正代表了中国葡萄酒的水平。”
英国皇家酒商BBR官网在春节前夕发布《来一瓶中国葡萄酒》,向消费者推荐宁夏张裕摩塞尔十五世酒庄2013年份干红,文章写道:“张裕是中国历史最悠久、规模最大的葡萄酒生产商。来自奥地利的酿酒师罗斯摩塞尔自 2005年起便与张裕接触,他在宁夏酿造的这款酒,融合该地区大陆性气候和高海拔(海拔1100米)的风土特征,旨在表达‘旧世界’产区的优雅和来自这个不寻常的世界一隅的品种魅力。这款酒闻起来有黑醋栗、黑巧克力和血橙的香气,新鲜的草香和桉树香接踵而至。较高的酸度和细腻的单宁强化了结构,同时又有顺滑的口感。”
报道还介绍了中国宁夏、山东、新疆产区、常见的葡萄品种及葡萄酒风格。最后还推荐了3款中国葡萄酒——张裕雷司令干白、张裕摩塞尔传奇赤霞珠干白及张裕摩塞尔家族赤霞珠干红。
英国广播电视台两大美食节目
为庆祝中国新年,Saturday Kitchen邀请了英国最出名的中餐大师Ken Hom作客节目。在2月2日BBC ONE 播出的节目中,张裕摩塞尔传奇赤霞珠干白被选用于搭配Ken Hom所烹饪的柠檬鱼。
品尝了摩塞尔赤霞珠干白后,英国著名主持人Olly Smith现场表示:这款酒太有张力了!非常清爽的桃子香气,我认为它是中国葡萄酒的未来,我可以买一千箱放家里喝!
次日,在BBC另一档王牌美食节目SUNDAY BRUNCH上,张裕黄金冰谷冰酒也广获好评。
节目称:中国正在崛起成为酿造优质冰酒的国家,张裕黄金冰谷冰酒带有浓郁的百香果、菠萝等热带水果的香气,余味还带有一丝香甜的烟草味,非常美妙!挺适合搭配中国的川菜、月饼等美食。
全球访问量第二大的报纸网站
当地时间2月2日,英国《每日邮报》发表文章——《我们的酒评家为中国春节挑选了几款最好的葡萄酒》,被国际大咖推荐的5款葡萄酒中,两款来自中国,分别是张裕第九代解百纳及张裕摩塞尔赤霞珠干白葡萄酒。
对于这5款酒,作者表示,他们最喜欢的就是张裕摩塞尔赤霞珠干白,这也是他们一周中品鉴的众多酒中最棒的一款,果香馥郁,非常适合搭配各种中餐;而张裕解百纳则适合搭配辛辣的食物,比如川菜。
英国广播电台消费节目《你和你的家人》
当地时间2月8日,BBC广播电台生活消费节目You and Yours为庆祝中国新年的到来,邀请了《中国葡萄酒复兴》作者、葡萄酒专家Janet Wang前来录制节目,畅谈中国葡萄酒,节目提到: 张裕是中国最大的葡萄酒生产商,很多人可能不知道中国也是一个很大的葡萄酒产区,也不知道中国拥有源远流长的葡萄酒文化,但其实公元前2世纪,中国就已经有人用葡萄来酿酒。
在节目中,Janet Wang还跟主持人介绍并品鉴了2款中国葡萄酒:“第一款是来自张裕的经典餐酒——张裕解百纳,很适合派对跟宴会。这款酒果香浓郁,饱满多汁,很容易与各种菜肴进行搭配;第二瓶是来自张裕摩塞尔十五世酒庄的赤霞珠干红,这是一款在中国非常顶级的葡萄酒,真正代表了中国葡萄酒的水平。”
英国皇家酒商BBR官网在春节前夕发布《来一瓶中国葡萄酒》,向消费者推荐宁夏张裕摩塞尔十五世酒庄2013年份干红,文章写道:“张裕是中国历史最悠久、规模最大的葡萄酒生产商。来自奥地利的酿酒师罗斯摩塞尔自 2005年起便与张裕接触,他在宁夏酿造的这款酒,融合该地区大陆性气候和高海拔(海拔1100米)的风土特征,旨在表达‘旧世界’产区的优雅和来自这个不寻常的世界一隅的品种魅力。这款酒闻起来有黑醋栗、黑巧克力和血橙的香气,新鲜的草香和桉树香接踵而至。较高的酸度和细腻的单宁强化了结构,同时又有顺滑的口感。”
Tuesday, February 19, 2019
प्रेमिका को बनाया मां, बाप से कराई शादी, पढ़ें अजीब प्रेम कहानी
एक लड़की अपने प्यार की खातिर मां-बाप का घर छोड़कर प्रेमी के घर आकर रहने लगी. उधर, लड़की के परिजनों ने अगवा करने के शक में चार लोगों पर एफआईआर दर्ज करा दी. अब कानूनी दांवपेंच से बचने के लिए लड़की ने एक अजीब कदम उठाया.
बिहार के समस्तीपुर जिले में घर से भागकर एक प्रेमिका, अपने प्रेमी से शादी करने की जल्दबाजी में उसके घर पहुंच गई. जब प्रेमी से शादी करने की बात आई तो पता चला प्रेमी तो नाबालिग है. तब उसने प्रेमी के साथ रहने का एक अनोखा तरीका ढूंढा. लड़की ने प्रेमी के विधुर बाप से ही शादी रचा ली. अब समाज के सामने वह प्रेमी की मां थी लेकिन घर के अंदर वह प्रेमी के साथ पति-पत्नी की तरह रहने लगी थी.
क्या था मामला
समस्तीपुर के हलई ओपी इलाके के एक गांव की लड़की को अपने ही कॉलेज में पढ़ने वाले एक लड़के से प्रेम हो गया. दोनों के बीच प्यार का सिलसिला कुछ दिनों तक चला. फिर वह अपने प्रेमी से शादी करने उसके घर पहुंची तो पता चला कि वह तो नाबालिग है. उधर, लड़की के मां-बाप ने लड़की को अगवा करने का केस दर्ज करा रखा था जिसमें 4 लोग नामजद थे. इनमें से एक 3 महीने से जेल में बंद था.
मामला बड़ा विचित्र हो गया
ऐसे में लड़की को समझ नहीं आया कि इस कानूनी दांवपेच से वह कैसे निपटे. तब लड़की ने अपने प्रेमी के बाप सुनील राय से ही शादी रचा ली. सुनील की पत्नी की 1 साल पहले ही मौत हुई थी. अब मामला बड़ा विचित्र हो गया. समाज के सामने वह प्रेमी की मां थी लेकिन घर के अंदर प्रेमिका.
पुलिस भी गई चौंक
पुलिस के सामने ये मामला शनिवार को आया तो वह भी चौंक गई. जब पुलिस ने लड़के के बाप और लड़की से बात की तो सारा माजरा समझ में आया. सब कुछ समझ कर पुलिस ने लड़की के प्रेमी के पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. वहीं, लड़की को कोर्ट के सामने पेश किया.
अब तक सैमसंग ने इसके हार्डवेयर के बारे में कुछ ज्यादा शेयर नहीं किया है. हालांकि इसमें 6.4 इंच की फुल एचडी सुपर एमोलेड डिस्प्ले होगी. इसमें Infinity U डिस्प्ले यूज किया गया है. इस स्मार्टफोन में ट्रिपल रियर कैमरा है और रियर फिंगरप्रिंट स्कैनर भी दिया गया है.
लीक्ड रिपोर्ट के मुताबिक इस स्मार्टफोन में 5,000mAh की बैटरी दी जाएगी. तीन रियर कैमरे में – एक सेंसर 13 मेगापिक्सल का, दूसरा और तीसरा 5 मेगापिक्सल का हो सकता है. सेल्फी के लिए इसमें 16 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा होगा. इस स्मार्टफोन के दो मेमोरी वेरिएंट्स लॉन्च हो सकते हैं – इनमें 4GB रैम के साथ 64GB, जबकि दूसरे वेरिएंट में 6GB रैम के साथ 128GB की इंटर्नल स्टोरेज दी जा सकती है.
यह स्मार्टफोन भारत में 27 फरवरी को शाम 6 बजे लॉन्च होगा. इसे सिर्फ ई-कॉमर्स कंपनी ऐमेजॉन इंडिया से बेचा जाएगा. इसके बाद ये दूसरे मार्केट में भी लॉन्च हो सकता है. Galaxy M30 में कंपनी इनहाउस Exynos 7904 प्रोसेसर दे सकती है.
सैमसंग से जुड़ी दूसरी खबरों की बात करें तो कंपनी सैन फ्रैंसिस्को में अनपैक्ड इवेंट आयोजित कर रही है. इस दौरान कंपनी अपने फ्लैगशिप Galaxy S10 और फोल्डेबल स्मार्टफोन लॉन्च करेगी. इवेंट 20 फरवरी को है, लेकिन भारतीय समयानुसार ये रात के 12.10 बजे से शुरू होगा. इस दौरान स्मार्टफोन सहित कंपनी स्मार्ट वॉच भी लॉन्च कर सकती है. स्मार्टफोन का डिजाइन और कॉन्सेप्ट लीक हुआ है और इसमें कंपनी ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दे सकती है. इस बार कंपनी सॉफ्टवेयर में भी बड़े बदलाव कर सकती है.
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले को लेकर मंगलवार को सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई. सेना ने साफ तौर पर कहा कि पुलवामा हमले का मुख्य साजिशकर्ता पाकिस्तान ही है. चिनार कॉर्प्स के लेफ्टिनेंट जनरल केजीएस ढिल्लन ने कहा कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की मदद से जैश-ए-मोहम्मद ने पुलवामा में आतंकी हमला किया.
Wednesday, February 13, 2019
बंद होने जा रही है BSNL? सरकार ने कंपनी से मांगी रिपोर्ट!
भारत सरकार की टेलीकॉम विंग बीएसएनल बंद होने के कगार पर है? देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में से एक बीएसएनल नुकसान में चल रही है. रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने कंपनी से सभी ऑप्शन तलाशने को कहा है. इनमें कंपनी को बंद करने का भी ऑप्शन है. कुल मिला कर रिपोर्ट्स के मुताबिक अगर सभी ऑप्शन्स फेल होते हैं तो मुमकिन है बीएसएनल को बंद करना पड़े या सरकार इसे बेच दे.
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार बीएसएनल को दिया गया ये आदेश, कंपनी के आला अधिकारी और टेलीकॉम सेकरेटरी अरूण सुंदरराजन की मुलाकात के बाद आया है. रिपोर्ट के मुताबिक बीएसएनल के चेयरमैन अनुपम श्रीवास्तव ने इस मीटिंग में कंपनी के मौजूदा आर्थिक हालात के बारे में बातचीत की है. इसमें कंपनी को हुए नुकसान और जियो की एंट्री से पड़े प्रभाव के बारे में बातचीत की गई हैं.
सरकार के अधिकारियों ने बीएसएनल से एक नोट तैयार करने को कहा है कि अगर बिजनेस बंद हो जाएगा तो क्या होगा. दूसरे ऑप्शन के तौर पर सरकार बीएसएनल के रिवाइवल के लिए इसका विनिवेश कर सकती है. बीएसएनल को इन सभी ऑप्शन्स पर कॉम्पैरिटिव अनालिसिस जमा करने को कहा गया है.
गौरतलब है कि बीएसएनल भारत में, लैंडलाइन और ब्रॉडबैंड सर्विस सहित बैंडविथ का बिजनेस करती है. इसने 2016-17 में 4,793 करोड़ रुपये का नुकसान दिखाया है. हालांकि अब तक 2017-18 की आर्थिक स्थिति नहीं बताई गई है. पिछले तीन साल से लगातार बीएसएनल नुकसान में है. डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज द्वारा जारी की गई गाइडलाइन के मुताबिक बीएसएनल को ‘Incipient Sick’ घोषित किया गया है.
बीएसएनल के एक प्रवक्ता ने TOI को बताया है, ‘बीएसएनल ने सरकार से कहा है कि मार्केट में ‘कट थ्रोट’ कॉम्पटीशन के अलावा कंपनी बढ़ती उम्र वाले ज्यादा कर्मचारियों की वजह से मुश्किल में है. अगर 2019-20 से रिटायरमेंट की आयु कम दी जाती है तो बिल में लगभग 3,000 करोड़ रुपये की बचत होगी’
पिछले कुछ सालों से बीएसएनल का स्ट्रगल ज्यादा बढ़ गया है. इसकी वजह मार्केट में जियो की आमद है. जियो के साथ ही लगभग सभी प्राइवेट कंपनियों ने अपने प्लान सस्ते कर दिए. कई कंपनियां मर्ज हो गईं, कुछ कंपनियां बाजार से साफ हो गई और ऐसे में मार्केट में बने रहने के लिए बीएसनएल ने भी अपने प्लान को रिलायंस जियो से मैच किया है. हालांकि बीएसएनल पिछले कुछ साल में दूसरे कंपनियों के मुकाबले 4G अपग्रेड में फेल रही है और फाइबर सर्विस देने में भी कंपनी ने दूसरों के मुकाबले कुछ देरी कर दी है.
हालांकि अभी फैसला नहीं हुआ है कि गुर्जर इस बात पर राजी होकर रेलवे ट्रैक और हाईवे से उठ जाएंगे, क्योंकि पहली बार मुख्यमंत्री के रूप में अशोक गहलोत ने 2015 में गुर्जरों को 5 फीसदी आरक्षण दिया था, जिस पर हाई कोर्ट ने रोक लगा दी थी. उसके बाद वसुंधरा सरकार आई तो 2017 में गुर्जरों को आरक्षण दिया गया. उस पर भी राजस्थान हाई कोर्ट ने रोक लगा दी. राजस्थान सरकार इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई है और वहां पर सुनवाई चल रही है.
50 से ज्यादा फीसदी तक आरक्षण नहीं
इस बीच 2018 में कांग्रेस की सरकार फिर से आ गई और गुर्जर फिर से आरक्षण की मांग को लेकर पटरी पर बैठ गए. अशोक गहलोत ने समाधान का वही तरीका निकाला और एक बार फिर से 2019 में गुर्जरों को आरक्षण देने का विधानसभा में पारित करवा दिया. राजस्थान विधानसभा में गुर्जरों का आरक्षण विधेयक पारित तो होता है, लेकिन हर बार अटक जाता है. कोर्ट का कहना है कि आरक्षण की कुल सीमा 50 से ज्यादा नहीं हो सकती है, लिहाजा गुर्जरों को आरक्षण नहीं दिया जा सकता है.
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार बीएसएनल को दिया गया ये आदेश, कंपनी के आला अधिकारी और टेलीकॉम सेकरेटरी अरूण सुंदरराजन की मुलाकात के बाद आया है. रिपोर्ट के मुताबिक बीएसएनल के चेयरमैन अनुपम श्रीवास्तव ने इस मीटिंग में कंपनी के मौजूदा आर्थिक हालात के बारे में बातचीत की है. इसमें कंपनी को हुए नुकसान और जियो की एंट्री से पड़े प्रभाव के बारे में बातचीत की गई हैं.
सरकार के अधिकारियों ने बीएसएनल से एक नोट तैयार करने को कहा है कि अगर बिजनेस बंद हो जाएगा तो क्या होगा. दूसरे ऑप्शन के तौर पर सरकार बीएसएनल के रिवाइवल के लिए इसका विनिवेश कर सकती है. बीएसएनल को इन सभी ऑप्शन्स पर कॉम्पैरिटिव अनालिसिस जमा करने को कहा गया है.
गौरतलब है कि बीएसएनल भारत में, लैंडलाइन और ब्रॉडबैंड सर्विस सहित बैंडविथ का बिजनेस करती है. इसने 2016-17 में 4,793 करोड़ रुपये का नुकसान दिखाया है. हालांकि अब तक 2017-18 की आर्थिक स्थिति नहीं बताई गई है. पिछले तीन साल से लगातार बीएसएनल नुकसान में है. डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज द्वारा जारी की गई गाइडलाइन के मुताबिक बीएसएनल को ‘Incipient Sick’ घोषित किया गया है.
बीएसएनल के एक प्रवक्ता ने TOI को बताया है, ‘बीएसएनल ने सरकार से कहा है कि मार्केट में ‘कट थ्रोट’ कॉम्पटीशन के अलावा कंपनी बढ़ती उम्र वाले ज्यादा कर्मचारियों की वजह से मुश्किल में है. अगर 2019-20 से रिटायरमेंट की आयु कम दी जाती है तो बिल में लगभग 3,000 करोड़ रुपये की बचत होगी’
पिछले कुछ सालों से बीएसएनल का स्ट्रगल ज्यादा बढ़ गया है. इसकी वजह मार्केट में जियो की आमद है. जियो के साथ ही लगभग सभी प्राइवेट कंपनियों ने अपने प्लान सस्ते कर दिए. कई कंपनियां मर्ज हो गईं, कुछ कंपनियां बाजार से साफ हो गई और ऐसे में मार्केट में बने रहने के लिए बीएसनएल ने भी अपने प्लान को रिलायंस जियो से मैच किया है. हालांकि बीएसएनल पिछले कुछ साल में दूसरे कंपनियों के मुकाबले 4G अपग्रेड में फेल रही है और फाइबर सर्विस देने में भी कंपनी ने दूसरों के मुकाबले कुछ देरी कर दी है.
हालांकि अभी फैसला नहीं हुआ है कि गुर्जर इस बात पर राजी होकर रेलवे ट्रैक और हाईवे से उठ जाएंगे, क्योंकि पहली बार मुख्यमंत्री के रूप में अशोक गहलोत ने 2015 में गुर्जरों को 5 फीसदी आरक्षण दिया था, जिस पर हाई कोर्ट ने रोक लगा दी थी. उसके बाद वसुंधरा सरकार आई तो 2017 में गुर्जरों को आरक्षण दिया गया. उस पर भी राजस्थान हाई कोर्ट ने रोक लगा दी. राजस्थान सरकार इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई है और वहां पर सुनवाई चल रही है.
50 से ज्यादा फीसदी तक आरक्षण नहीं
इस बीच 2018 में कांग्रेस की सरकार फिर से आ गई और गुर्जर फिर से आरक्षण की मांग को लेकर पटरी पर बैठ गए. अशोक गहलोत ने समाधान का वही तरीका निकाला और एक बार फिर से 2019 में गुर्जरों को आरक्षण देने का विधानसभा में पारित करवा दिया. राजस्थान विधानसभा में गुर्जरों का आरक्षण विधेयक पारित तो होता है, लेकिन हर बार अटक जाता है. कोर्ट का कहना है कि आरक्षण की कुल सीमा 50 से ज्यादा नहीं हो सकती है, लिहाजा गुर्जरों को आरक्षण नहीं दिया जा सकता है.
Wednesday, February 6, 2019
न्यूज़ीलैंड के हाथों टी-20 में भारत की सबसे बुरी हार
न्यूज़ीलैंड ने भारत को सिरीज़ के पहले टी-20 मैच में 80 रनों से हरा दिया है. ये टी-20 मैच में रनों से भारत की सबसे बुरी हार है.
न्यूज़ीलैंड के 219 रन के जवाब में भारत की पूरी टीम 139 रन बनाकर आउट हो गए. महेंद्र सिंह धोनी ने सर्वाधिक 39 रन बनाए.
न्यूज़ीलैंड की ओर से टिम साउदी ने सर्वाधिक तीन विकेट लिए.
भारत की शुरुआत काफ़ी ख़राब रही और कप्तान रोहित शर्मा सिर्फ़ एक रन बनाकर आउट हो गए.
इसके बाद शिखर धवन और विजय शंकर ने कुछ अच्छे शॉट्स लगाए. लगा जैसे भारतीय पारी संभल जाएगी
लेकिन फिर एक के बाद एक विकेट गिरना शुरू हो गए. भारत ने अपने छह विकेट 77 रन पर गँवा दिए थे.
शिखर धवन ने 29 और विजय शंकर ने 27 रनों की पारी खेली. ऋषभ पंत ने चार, दिनेश कार्तिक ने पाँच और हार्दिक पंड्या ने चार रन बनाए.
सातवें विकेट के लिए महेंद्र सिंह धोनी और क्रुणाल पंड्या के बीच 52 रनों की साझेदारी हुई. लेकिन लक्ष्य इतना बड़ा था कि आवश्यक रन गति 20 से ज़्यादा हो गई थी.
क्रुणाल पंड्या 20 रन बनाकर आउट हुए. जबकि भुवनेश्वर कुमार एक रन बनाकर आउट हो गए.
इससे पहले निर्धारित 20 ओवरों में न्यूज़ीलैंड ने छह विकेट पर 219 रन बनाए थे.
भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी का फ़ैसला किया. पहले खेलने आई न्यूज़ीलैंड टीम की शुरुआत बेहद मज़बूत रही.
न्यूज़ीलैंड की ओर से सलामी बल्लेबाज़ टिम सिफ़र्ट ने सबसे अधिक 84 रन बनाए. शतक की ओर बढ़ रहे सिफ़र्ट को ख़लील अहमद ने 13वें ओवर में क्लीन बोल्ड किया.
सिफ़र्ट के बाद कॉलिन मुनरो और के.एस. विलियमसन ने 34-34 रन बनाए. इनके अलावा कोई भी बल्लेबाज़ कोई बड़ा स्कोर नहीं बना पाया.
भारतीय टीम की ओर से सबसे अधिक दो विकेट हार्दिक पंड्या ने लिए जबकि भुवनेश्वर कुमार, ख़लील अहमद, क्रुणाल पंड्या और युजवेंद्र चहल ने एक-एक विकेट लिया.
भारतीय टीम को सबसे पहली सफलता नौवें ओवर में क्रुणाल पंड्या ने दिलाई. उन्होंने मुनरो को विजय शंकर के हाथों कैच आउट कराया.
दूसरा विकेट 13वें ओवर में सिफ़र्ट का गिरा. इसके बाद 15वें ओवर की अंतिम गेंद पर हार्दिक पंड्या ने डेरिल मिचेल (8 रन) को कैच आउट कराया.
16वें ओवर में विलियमसन के रूप में चौथा विकेट गिरा, उनको युजवेंद्र चहल ने कैच आउट कराया.
न्यूज़ीलैंड के 219 रन के जवाब में भारत की पूरी टीम 139 रन बनाकर आउट हो गए. महेंद्र सिंह धोनी ने सर्वाधिक 39 रन बनाए.
न्यूज़ीलैंड की ओर से टिम साउदी ने सर्वाधिक तीन विकेट लिए.
भारत की शुरुआत काफ़ी ख़राब रही और कप्तान रोहित शर्मा सिर्फ़ एक रन बनाकर आउट हो गए.
इसके बाद शिखर धवन और विजय शंकर ने कुछ अच्छे शॉट्स लगाए. लगा जैसे भारतीय पारी संभल जाएगी
लेकिन फिर एक के बाद एक विकेट गिरना शुरू हो गए. भारत ने अपने छह विकेट 77 रन पर गँवा दिए थे.
शिखर धवन ने 29 और विजय शंकर ने 27 रनों की पारी खेली. ऋषभ पंत ने चार, दिनेश कार्तिक ने पाँच और हार्दिक पंड्या ने चार रन बनाए.
सातवें विकेट के लिए महेंद्र सिंह धोनी और क्रुणाल पंड्या के बीच 52 रनों की साझेदारी हुई. लेकिन लक्ष्य इतना बड़ा था कि आवश्यक रन गति 20 से ज़्यादा हो गई थी.
क्रुणाल पंड्या 20 रन बनाकर आउट हुए. जबकि भुवनेश्वर कुमार एक रन बनाकर आउट हो गए.
इससे पहले निर्धारित 20 ओवरों में न्यूज़ीलैंड ने छह विकेट पर 219 रन बनाए थे.
भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी का फ़ैसला किया. पहले खेलने आई न्यूज़ीलैंड टीम की शुरुआत बेहद मज़बूत रही.
न्यूज़ीलैंड की ओर से सलामी बल्लेबाज़ टिम सिफ़र्ट ने सबसे अधिक 84 रन बनाए. शतक की ओर बढ़ रहे सिफ़र्ट को ख़लील अहमद ने 13वें ओवर में क्लीन बोल्ड किया.
सिफ़र्ट के बाद कॉलिन मुनरो और के.एस. विलियमसन ने 34-34 रन बनाए. इनके अलावा कोई भी बल्लेबाज़ कोई बड़ा स्कोर नहीं बना पाया.
भारतीय टीम की ओर से सबसे अधिक दो विकेट हार्दिक पंड्या ने लिए जबकि भुवनेश्वर कुमार, ख़लील अहमद, क्रुणाल पंड्या और युजवेंद्र चहल ने एक-एक विकेट लिया.
भारतीय टीम को सबसे पहली सफलता नौवें ओवर में क्रुणाल पंड्या ने दिलाई. उन्होंने मुनरो को विजय शंकर के हाथों कैच आउट कराया.
दूसरा विकेट 13वें ओवर में सिफ़र्ट का गिरा. इसके बाद 15वें ओवर की अंतिम गेंद पर हार्दिक पंड्या ने डेरिल मिचेल (8 रन) को कैच आउट कराया.
16वें ओवर में विलियमसन के रूप में चौथा विकेट गिरा, उनको युजवेंद्र चहल ने कैच आउट कराया.
Monday, February 4, 2019
ऑस्ट्रेलिया में अब तक की सबसे बड़ी बाढ़, 20 हजार घर खतरे में; सड़कों पर घूम रहे मगरमच्छ
उत्तर-पश्चिम ऑस्ट्रेलिया में जबर्दस्त बाढ़ से हजारों लोगों को घर छोड़कर जाना पड़ा है। 20 हजार घरों को खतरे में बताया गया है। रॉस रिवर डैम से प्रति सेकंड 1900 क्यूबिक मीटर पानी छोड़ा जा रहा है। अधिकारियों ने अगले कुछ दिनों में हालात और खराब होने की बात कही है। बाढ़ के पानी में बहकर मगरमच्छ सड़कों पर आ गए हैं। इसके मद्देनजर प्रशासन ने लोगों को अलर्ट रहने को कहा है।
एक शहर पानी-पानी
क्वींसलैंड राज्य के टाउंसविल शहर में हर जगह पानी भर गया है। शहर में बिजली नहीं है। कई लोग अपने घरों की छतों पर रह रहे हैं। क्वींसलैंड के मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बाढ़ के चलते हालात और खराब हो सकते हैं। शहर का संपर्क बाकी इलाकों से कट सकता है।
क्वींसलैंड की प्रीमियर एनास्तासिया पालास्जुक के मुताबिक, "ये 20 साल में एक बार नहीं, बल्कि 100 साल में एक बार होने वाली घटना है। अगले कुछ दिनों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। मेरी लोगों से अपील है कि जरूरत पड़ने पर ही बाहर निकलें, अन्यथा घर पर रहें।"
7 न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, सैकड़ों घरों को खाली करा लिया गया है। 10 से 20 हजार घरों पर खतरा है। मिलिट्री ने स्थानीय लोगों को रेत की बोरियां बांटी हैं ताकि उनका पानी से बचाव हो सके।
मौसम विज्ञानी जोनाथन हो के मुताबिक, इस इलाके में साल में 2 मीटर बारिश होती है, लेकिन कुछ कस्बों में सालभर की बारिश हो चुकी है। इंघम कस्बे में बीते 24 घंटे में 50.6 सेमी पानी बरस गया। यहां एक घंटे में ही 14.5 सेमी बारिश हो गई।
टाउंसविल में रहने वाले क्रिस ब्रुकहाउस कहना है कि हमने पहले ऐसा कभी नहीं देखा। चारों तरफ पानी ही पानी दिख रहा है। घर में एक मीटर से ज्यादा पानी घुस चुका है। सीढ़ियां डूब चुकी हैं। फ्रिज समेत दूसरे सामान तैर रहे हैं।
बीजेपी का वोट शेयर बढ़ा
बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी 17 फीसदी वोटों के साथ दो सीटें जीतने में सफल रही थी. लेफ्ट को भी दो सीटें मिली थी, जबकि 2009 की तुलना में उसे 13 सीटों का नुकसान हुआ था. जबकि बीजेपी को एक सीट का फायदा हुआ था. 2016 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी 6 फीसदी वोटों की बढ़ोत्तरी के साथ 10 फीसदी वोट पाने में सफल रही थी. बीजेपी के तीन विधायक जीतने में सफल रहे. जबकि उसके गठबंधन को 6 सीटें मिलीं. इससे पहले बीजेपी का एक भी विधायक राज्य में नहीं था.
विवाद से दोनों का फायदा
दरअसल बीजेपी और लेफ्ट के बीच सिमटती जंग के चलते दोनों पार्टियों को फायदा नजर आ रहा है. विपक्षी दल जनवरी के बाद दो बार ममता के बैनर तले एकजुट हुए हैं. पिछले दिनों कांग्रेस सासंद मौसम नूर ने टीएमसी का दामन थाम लिया है. राज्य में करीब 27 फीसदी मुस्लिम वोट है, बीजेपी से सीधा मुकाबला होने पर ये वोट ममता के साथ खड़ा नजर आएगा. इस तरह से दोनों पार्टियां ताजा विवाद में अपना-अपना सियासी फायदा देख रही हैं.
एक शहर पानी-पानी
क्वींसलैंड राज्य के टाउंसविल शहर में हर जगह पानी भर गया है। शहर में बिजली नहीं है। कई लोग अपने घरों की छतों पर रह रहे हैं। क्वींसलैंड के मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बाढ़ के चलते हालात और खराब हो सकते हैं। शहर का संपर्क बाकी इलाकों से कट सकता है।
क्वींसलैंड की प्रीमियर एनास्तासिया पालास्जुक के मुताबिक, "ये 20 साल में एक बार नहीं, बल्कि 100 साल में एक बार होने वाली घटना है। अगले कुछ दिनों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। मेरी लोगों से अपील है कि जरूरत पड़ने पर ही बाहर निकलें, अन्यथा घर पर रहें।"
7 न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, सैकड़ों घरों को खाली करा लिया गया है। 10 से 20 हजार घरों पर खतरा है। मिलिट्री ने स्थानीय लोगों को रेत की बोरियां बांटी हैं ताकि उनका पानी से बचाव हो सके।
मौसम विज्ञानी जोनाथन हो के मुताबिक, इस इलाके में साल में 2 मीटर बारिश होती है, लेकिन कुछ कस्बों में सालभर की बारिश हो चुकी है। इंघम कस्बे में बीते 24 घंटे में 50.6 सेमी पानी बरस गया। यहां एक घंटे में ही 14.5 सेमी बारिश हो गई।
टाउंसविल में रहने वाले क्रिस ब्रुकहाउस कहना है कि हमने पहले ऐसा कभी नहीं देखा। चारों तरफ पानी ही पानी दिख रहा है। घर में एक मीटर से ज्यादा पानी घुस चुका है। सीढ़ियां डूब चुकी हैं। फ्रिज समेत दूसरे सामान तैर रहे हैं।
बीजेपी का वोट शेयर बढ़ा
बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी 17 फीसदी वोटों के साथ दो सीटें जीतने में सफल रही थी. लेफ्ट को भी दो सीटें मिली थी, जबकि 2009 की तुलना में उसे 13 सीटों का नुकसान हुआ था. जबकि बीजेपी को एक सीट का फायदा हुआ था. 2016 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी 6 फीसदी वोटों की बढ़ोत्तरी के साथ 10 फीसदी वोट पाने में सफल रही थी. बीजेपी के तीन विधायक जीतने में सफल रहे. जबकि उसके गठबंधन को 6 सीटें मिलीं. इससे पहले बीजेपी का एक भी विधायक राज्य में नहीं था.
विवाद से दोनों का फायदा
दरअसल बीजेपी और लेफ्ट के बीच सिमटती जंग के चलते दोनों पार्टियों को फायदा नजर आ रहा है. विपक्षी दल जनवरी के बाद दो बार ममता के बैनर तले एकजुट हुए हैं. पिछले दिनों कांग्रेस सासंद मौसम नूर ने टीएमसी का दामन थाम लिया है. राज्य में करीब 27 फीसदी मुस्लिम वोट है, बीजेपी से सीधा मुकाबला होने पर ये वोट ममता के साथ खड़ा नजर आएगा. इस तरह से दोनों पार्टियां ताजा विवाद में अपना-अपना सियासी फायदा देख रही हैं.
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